तुम अंधेरों से लड़ने का साहस करो
फिर उजाले उजाले नज़र आयेंगे
पंथ दुष्कर तो हैं पर चलो तो सही
हाथ विश्वास का तुम गहो तो सही
भोर के पल तुम्हारी प्रतीक्षा में है
रात के सब अन्धेरें गुजर जायेंगे
फिर उजाले उजाले नज़र आयेंगे
पंथ दुष्कर तो हैं पर चलो तो सही
हाथ विश्वास का तुम गहो तो सही
भोर के पल तुम्हारी प्रतीक्षा में है
रात के सब अन्धेरें गुजर जायेंगे